construction material Aggregate, जब मैंने पहली बार कंस्ट्रक्शन साइट पर काम शुरू किया था, तब मुझे लगा कि कंक्रीट का मतलब सिर्फ़ सीमेंट और पानी है। लेकिन धीरे‑धीरे समझ आया कि असली ताक़त तो एग्रीगेट में छिपी होती है। ये पत्थर और रेत ही हैं जो कंक्रीट को उसका शरीर देते हैं। सीमेंट तो बस गोंद की तरह है, जो इन्हें जोड़ता है। अगर एग्रीगेट सही हों तो संरचना दशकों तक टिकती है, और अगर गलत हों तो कुछ ही सालों में दरारें पड़ जाती हैं।
अगली बार अगर आप कहीं सिविल इंजीनियरिंग से सम्बंधित परीक्षा या जॉब इंटरव्यू देने जा रहे हैं तो इस पेज का लिंक अपने पास सेव कर लीजिये, आपको “construction material Aggregate” जानकारी सिविल प्रोफेसन में बहुत ही कम आएगी, आगे पढ़ें और ध्यान से समझते हुए पढ़ें, इस लेख में टॉपिक के साथ कुछ विशेस अनुभव भी दिए गए हैं जो आपको टॉपिक समझने में बहुत काम आयेंगे .

“एग्रीगेट सामान्य पत्थरों का समूह मात्र नहीं है। यद्यपि इन पत्थरों का उपयोग निर्माण कार्यों में किया जाता है, परंतु सिविल इंजीनियरिंग में इन्हें सीधे प्रयोग नहीं किया जा सकता। इस कारण, एग्रीगेट के गुणधर्मों और सही जानकारी का होना प्रत्येक सिविल इंजीनियर के लिए अत्यंत आवश्यक है।”
Aggregate क्या है?
एग्रीगेट वे ठोस कण हैं जिन्हें हम कंक्रीट में मिलाते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं:“Aggregate definition & meaning”
- Coarse Aggregate (बड़े पत्थर) – ये कंक्रीट का ढांचा बनाते हैं।
- Fine Aggregate (रेत) – ये पत्थरों के बीच की जगह भरते हैं और मिश्रण को चिकनाई देते हैं।
“अनुभव से उदाहरण: मैंने एक बार देखा कि मजदूरों ने सिर्फ़ बड़े पत्थर और सीमेंट मिलाकर स्लैब डाल दिया। कुछ महीनों में ही स्लैब टूटने लगा क्योंकि पत्थरों के बीच की जगह खाली रह गई थी। जब हमने fine एग्रीगेट मिलाया, तो वही स्लैब सालों तक मजबूत रहा।
Aggregate के गुण
Strength (मजबूती)
Aggregate की मजबूती यह बताती है कि वह दबाव और भार को कितनी अच्छी तरह सह सकता है। यह interparticle locking (कणों का आपस में फँसना) और bond strength (सीमेंट से जुड़ाव) पर निर्भर करता है।

“मैंने देखा है कि चिकने नदी के पत्थर पर सीमेंट अच्छी तरह नहीं चिपकता। लेकिन खुरदरे, क्रश किए हुए पत्थर सीमेंट को पकड़ लेते हैं और कंक्रीट कहीं ज़्यादा मजबूत बनती है”
Workability (काम करने की आसानी)
Workability का मतलब है कि कंक्रीट को मिलाना, ले जाना, डालना और फिनिश करना कितना आसान है। गोल और चिकने aggregates से कंक्रीट आसानी से फैलती है, जबकि angular एग्रीगेट से काम कठिन होता है।
“ जब हम पुल का डेक डाल रहे थे, वहाँ angular एग्रीगेट इस्तेमाल किए गए। कंक्रीट बहुत मजबूत बनी, लेकिन मजदूरों को उसे फैलाने में दिक़्क़त हुई। वहीं, घरों की स्लैब में rounded एग्रीगेट से काम आसान हुआ, लेकिन मजबूती थोड़ी कम रही”

Aggregate का आकार
प्रमुख आकार
- Angular (कोनों वाला) – मजबूत कंक्रीट बनाते हैं लेकिन काम कठिन होता है।
- Rounded (गोल) – काम आसान होता है लेकिन मजबूती कम होती है।
- Flaky (पतला) और Elongated (लंबा) – ये कंक्रीट को कमजोर बनाते हैं।
- Cubical (घनाकार) – सबसे अच्छा आकार, मजबूती और workability दोनों देता है।
“ एक बार हमने सड़क निर्माण में flaky पत्थर इस्तेमाल कर लिए। कुछ ही महीनों में सड़क उखड़ने लगी। बाद में cubical crushed stone इस्तेमाल किया गया और सड़क सालों तक टिकाऊ रही”
सतह की बनावट (Texture)
Aggregate की सतह चिकनी या खुरदरी हो सकती है।
- चिकनी सतह → काम आसान लेकिन मजबूती कम।
- खुरदरी सतह → मजबूती अधिक लेकिन काम कठिन।
“ मैंने देखा है कि चिकनी नदी की रेत से plaster बहुत smooth बनता है, लेकिन structural concrete के लिए खुरदरी रेत और पत्थर कहीं बेहतर रहते हैं”
ग्रेडिंग और फाइननेस
Grading
यह प्रक्रिया विभिन्न आकार के aggregates को मिलाकर voids (खाली जगह) को कम करती है। इससे कंक्रीट मजबूत और workable बनती है।

“ जब हमने dam का foundation डाला, वहाँ grading का बहुत ध्यान रखा गया। छोटे‑बड़े पत्थर और रेत मिलाकर voids कम किए गए। नतीजा यह हुआ कि foundation आज भी मजबूत है”
Fineness Modulus (FM)
FM यह बताता है कि एग्रीगेट कितना बारीक या मोटा है।
- Fine sand: FM = 2.2–2.6
- Medium sand: FM = 2.6–2.9
- Coarse sand: FM = 2.9–3.2
“अगर FM बहुत ज़्यादा हो तो कंक्रीट में सीमेंट की खपत बढ़ जाती है। इसलिए सही FM चुनना ज़रूरी है”
Construction material Laboratory different type of tests for find the correct Aggregate
सिविल इंजीनियर सही एग्रीगेट का पता लगाने के लिए अलग-अलग तरह के टेस्ट करते हैं, कुछ मुख्य टेस्ट की जानकारी नीचे दी जा रही है , ध्यान से समझिये और पढ़िए
Aggregate के परीक्षण
Crushing Value
एग्रीगेट को दबाकर उसकी टूटने की क्षमता मापी जाती है।
- सड़क निर्माण के लिए: ≤ 30%
- सामान्य निर्माण के लिए: ≤ 45%
Abrasion Value
Aggregate को घिसकर उसकी टिकाऊ क्षमता मापी जाती है।
- सड़क निर्माण के लिए: ≤ 30%
- सामान्य निर्माण के लिए: ≤ 50%
Impact Value
एग्रीगेट पर झटका देकर उसकी toughness मापी जाती है।
- सड़क निर्माण के लिए: ≤ 30%
- सामान्य निर्माण के लिए: ≤ 45%
“ मैंने highway project में देखा कि अगर aggregates की abrasion value ज़्यादा हो तो सड़क जल्दी घिस जाती है। सही test पास करने वाले एग्रीगेट से सड़क सालों तक टिकाऊ रहती है”
Alkali Aggregate Reaction
कुछ पत्थर सीमेंट में मौजूद alkali से प्रतिक्रिया करके दरारें पैदा करते हैं। इसे “कंक्रीट का कैंसर” कहा जाता है।
“ एक पुराने पुल में alkali reaction के कारण दरारें पड़ गईं। बाद में हमने low‑alkali cement और fly ash का प्रयोग किया, जिससे समस्या कम हुई”
Bulking of Sand
जब रेत में नमी होती है तो उसका वॉल्यूम बढ़ जाता है। बहुत बारीक रेत में यह 40% तक बढ़ सकता है।
“ मैंने कई बार देखा है कि मजदूर सूखी रेत और गीली रेत को बराबर मान लेते हैं। नतीजा यह होता है कि मिश्रण का अनुपात बिगड़ जाता है। इसलिए हमेशा नमी का ध्यान रखना चाहिए”
सड़क की राइडिंग क्वालिटी (riding quality test) तकनीकी भाषा में कहें तो सड़क पर गाड़ी चलाने का अनुभव कितना सहज है, इसे मापने के लिए कई तरह के टेस्ट इंजिनियर द्वारा किए जाते हैं, जैसे की – बंप इंडिकेटर टेस्ट और उसका महत्व (Bump Indicator Test for checking highway riding quality)
निष्कर्ष
20 साल के अनुभव से मैं यही कह सकता हूँ कि aggregates केवल भराव सामग्री नहीं हैं, बल्कि कंक्रीट की आत्मा हैं। सही आकार, सही बनावट, सही grading और सही परीक्षण से ही मजबूत और टिकाऊ संरचना बनती है। अगर एग्रीगेट की अनदेखी की जाए तो चाहे सीमेंट कितना भी अच्छा हो, निर्माण टिकाऊ नहीं होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ for एग्रीगेट)
1. Aggregate क्या होता है और यह कंक्रीट में क्यों ज़रूरी है?
Aggregate रेत और पत्थर का मिश्रण होता है जो कंक्रीट का 70–80% हिस्सा बनाता है। यह कंक्रीट को मजबूती देता है और उसकी कार्यक्षमता (workability) तय करता है। बिना सही एग्रीगेट के, कंक्रीट कमजोर और जल्दी टूटने वाली हो सकती है।
2. Aggregate के मुख्य प्रकार कौन-कौन से हैं?
Aggregate दो प्रकार का होता है:
- Coarse Aggregate (बड़े पत्थर) – कंक्रीट का ढांचा बनाते हैं।
- Fine Aggregate (रेत) – पत्थरों के बीच की जगह भरते हैं।
दोनों का संतुलन ही कंक्रीट को मजबूत और टिकाऊ बनाता है।
3. एग्रीगेट का आकार (Shape) कंक्रीट को कैसे प्रभावित करता है?
- Angular (कोनों वाला) → मजबूत लेकिन काम कठिन।
- Rounded (गोल) → काम आसान लेकिन मजबूती कम।
- Flaky/Elongated (पतला/लंबा) → कमजोर कंक्रीट।
- Cubical (घनाकार) → सबसे अच्छा, मजबूती और workability दोनों देता है।
4. Fineness Modulus (FM) क्या है?
FM एक संख्या है जो बताती है कि एग्रीगेट कितना बारीक या मोटा है।
- Fine sand: 2.2–2.6
- Medium sand: 2.6–2.9
- Coarse sand: 2.9–3.2
FM > 3.2 वाली रेत कंक्रीट के लिए उपयुक्त नहीं होती।
5. एग्रीगेट की मजबूती कैसे जाँची जाती है?
तीन प्रमुख परीक्षण होते हैं:
- Crushing Value Test → दबाव सहने की क्षमता।
- Abrasion Value Test → घिसने की क्षमता।
- Impact Value Test → झटके सहने की क्षमता।
इन परीक्षणों से पता चलता है कि aggregate सड़क, पुल या इमारत के लिए उपयुक्त है या नहीं।
6. Alkali–Aggregate Reaction क्या है?
कुछ पत्थर सीमेंट में मौजूद alkali से प्रतिक्रिया करके दरारें पैदा करते हैं। इसे “कंक्रीट का कैंसर” कहा जाता है। इसे रोकने के लिए सही पत्थर चुनना, कम alkali वाला सीमेंट और fly ash का प्रयोग करना ज़रूरी है।
7. Bulking of Sand क्या होता है?
जब रेत में नमी होती है तो उसका वॉल्यूम बढ़ जाता है। बहुत बारीक रेत में यह 40% तक बढ़ सकता है। इसलिए निर्माण में रेत की नमी को ध्यान में रखना ज़रूरी है, वरना मिश्रण का अनुपात बिगड़ सकता है।
8. सही एग्रीगेट चुनना क्यों महत्वपूर्ण है?
सही aggregate चुनने से कंक्रीट:
- मजबूत और टिकाऊ बनती है
- आसानी से काम करने योग्य होती है
- दरारों और टूट-फूट से बचती है
गलत aggregate से पूरी संरचना खतरे में पड़ सकती है। - read here more about Aggregate.





