ऑप्शन ट्रेडिंग की 5 समझदार शुरुआत (only 5 Step: Option trading starting with good understanding)

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Option Trading Basic Understanding

Option trading, आज के समय में शेयर बाजार के बारे में जानने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बहुत से लोग शेयर खरीदने के साथ-साथ ऑप्शन ट्रेडिंग के बारे में भी सुनते हैं और उसमें दिलचस्पी लेने लगते हैं। लेकिन Option Trading केवल किस्मत का खेल नहीं है। यह एक ऐसा काम है जिसमें सोच-समझ, धैर्य और सही नियमों की बहुत ज़रूरत होती है।

अक्सर लोग बिना तैयारी के ऑप्शन ट्रेडिंग शुरू कर देते हैं और कुछ ही दिनों में नुकसान देखकर हताश हो जाते हैं। इसलिए ऑप्शन ट्रेडिंग शुरू करने से पहले इसकी सही बुनियादी समझ होना बहुत ज़रूरी है।

प्रिय पाठकों यह पूरा लेख बहुत ही महत्वपूर्ण है और खासकर ऐसे पाठकों के लिए जो ऑप्शन ट्रेनिंग में पहली बार अपना कदम रख रहे हैं, एक – एक पंक्ति बहुत इम्पोर्टेन्ट है। अगर आपने आज तक या इससे पहले कभी हार या घाटे का सामना किया है तो यह 05 कदम आपको जीवन में विजयी बना सकते हैं।

इस छोटे से लेख में ही Option Trading का एक बहुत रहस्यमयी है सार छिपा है इसलिए हर सब्द बहुत ही कीमती है,

Option Trading Basic Understanding
a monkey siting for Option Trading and learning Basic Understanding

सबसे पहले खुद को समझना ज़रूरी है

मैं अपने पर्सनल अनुभव आप लोगों के साथ शेयर करना चाहता हूँ और कुछ महत्वपूर्ण तथ्य में आप सबके साथ साझा करना चाहता हूँ जैसे कि ऑप्शन ट्रेडिंग सीखने से पहले इंसान को अपने व्यवहार और सोच को समझना चाहिए। इसके लिए खुद से कुछ ईमानदार सवाल पूछना जरूरी होता है।

मुनाफा मिलने पर सोच कैसी हो जाती है?

मान लीजिए आपने दो-तीन ट्रेड किए और उनमें अच्छा मुनाफा हो गया। अब अगर आपके मन में यह आने लगे कि “अब तो मुझे सब समझ आ गया” या “अब मैं कभी गलत नहीं हो सकता”, तो यह सोच आगे चलकर नुकसान का कारण बन सकती है। बाजार हर दिन बदलता है और यहाँ कोई भी हमेशा सही नहीं होता, आप सब विचार कर सकते हैं कि यह प्रश्न कोई सामान्य नहीं है। जीवन में सैकड़ों बार आपके साथ ऐसा ही हुआ होगा।

नुकसान होने पर प्रतिक्रिया कैसी होती है?

अब दूसरा हालात सोचिए। शुरू में सब ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक एक ट्रेड में नुकसान हो गया। अगर ऐसे समय में आपको घबराहट होने लगे, दिल तेज़ धड़कने लगे और समझ न आए कि क्या करें, तो इसका मतलब है कि आप अभी मानसिक रूप से ट्रेडिंग के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। शत प्रतिशत आपके रोज़मर्रा की विचारधारा इन प्रश्नों से मेल खा रही होगी तो आप जीवन के अनुभवों के साथ कुछ नया सीखते रहिए और आगे बढ़िये।

क्या आप बार-बार प्राइस देखते रहते हैं?

कई लोग ट्रेड लेने के बाद हर दो मिनट में मोबाइल खोलकर प्राइस देखने लगते हैं। उन्हें चैन नहीं पड़ता। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन्हें अपने फैसले पर भरोसा नहीं होता। सही तरीके से की गई ट्रेडिंग में ऐसा नहीं होता।

अगर हर प्रश्न आपके हर दिन की ट्रेडिंग के साथ मिलान खा रहा है तो आपको अपने विचार निचे कमेन्ट में जरुर देने चाहिये, जिनसे नए व्यक्तियों को भी सीखने को कुछ मिलेंगा।

Option Trading और रोज़मर्रा की ज़िंदगी का उदाहरण

ऑप्शन ट्रेडिंग को समझने के लिए हम इसे साइकिल चलाने से जोड़ सकते हैं।

जब कोई बच्चा पहली बार साइकिल चलाता है, तो उसे डर लगता है। वह बार-बार गिरता है, संतुलन बिगड़ता है और हर समय सोचता रहता है कि पैर कहाँ रखें। लेकिन कुछ दिनों के अभ्यास के बाद वही बच्चा बिना सोचे आराम से साइकिल चलाने लगता है।

ऑप्शन ट्रेडिंग भी बिल्कुल ऐसी ही है। शुरुआत में डर और घबराहट होती है, लेकिन सही जानकारी और अभ्यास से यह काम आसान लगने लगता है।

आत्मविश्वास कैसे बनता है?

एक समझदार ट्रेडर वह होता है जिसे पहले से पता होता है कि:

  • इस ट्रेड में ज़्यादा से ज़्यादा कितना नुकसान हो सकता है
  • और सही रहने पर कितना मुनाफा मिल सकता है

उदाहरण के लिए, अगर किसी ट्रेडर को पता है कि उसका अधिकतम नुकसान ₹1,000 तक ही सीमित है, तो वह नुकसान होने पर घबराएगा नहीं। लेकिन अगर बिना सोचे ट्रेड लिया गया हो, तो थोड़े से नुकसान में भी डर लगने लगता है।

ऑप्शन ट्रेड लेने से पहले के ज़रूरी कदम

अब हम उन ज़रूरी कदमों को विस्तार से समझते हैं, जिन्हें हर ऑप्शन ट्रेड से पहले ध्यान में रखना चाहिए।

पहला कदम: क्या ट्रेड करना है, यह तय करें

सबसे पहले यह तय करना होता है कि आप ऑप्शन ट्रेडिंग किस चीज़ में करना चाहते हैं।

कुछ लोग किसी खास कंपनी के शेयर में ट्रेड करना पसंद करते हैं, जैसे किसी बड़ी और जानी-मानी कंपनी में। वहीं कुछ लोग इंडेक्स में ट्रेड करते हैं, जैसे निफ्टी या बैंक निफ्टी, जहाँ पूरे बाजार की स्थिति दिखती है। कुछ लोग सोना, चांदी जैसी कमोडिटी में भी ऑप्शन ट्रेड करते हैं।

शुरुआत करने वालों के लिए बेहतर होता है कि वे एक ही प्रकार को चुनें और उसी पर अभ्यास करें।

दूसरा कदम: समय सीमा समझना

हर ऑप्शन की एक समय सीमा होती है, जिसे एक्सपायरी कहते हैं।

कुछ ऑप्शन कुछ ही दिनों में खत्म हो जाते हैं, जबकि कुछ कई हफ्तों या महीनों तक चलते हैं। नए लोगों के लिए छोटे समय वाले ऑप्शन समझना आसान होता है, क्योंकि उनका असर जल्दी दिख जाता है।

उदाहरण के लिए, अगर आपने एक हफ्ते वाला ऑप्शन लिया है, तो आपको जल्दी पता चल जाएगा कि आपका फैसला सही था या नहीं।

तीसरा कदम: खरीदना या बेचना

अब यह तय करना होता है कि आप ऑप्शन खरीदेंगे या बेचेंगे।

जो लोग कम पैसे से शुरुआत कर रहे होते हैं, वे आमतौर पर ऑप्शन खरीदते हैं, क्योंकि इसमें नुकसान सीमित होता है। वहीं ऑप्शन बेचने में ज़्यादा पूंजी और अनुभव की ज़रूरत होती है।

शुरुआत में धीरे-धीरे चलना ही समझदारी होती है।

चौथा कदम: कॉल या पुट का चुनाव

ऑप्शन ट्रेडिंग में दो तरह के ऑप्शन होते हैं – कॉल और पुट।

“यह जानकारी ऐसी ट्रेड रॉय के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो अभी अपनी ट्रेनिंग के सफर को शुरू कर रहे हैं? उन्हें इस नियम को ठीक से समझ लेना चाहिए ”

अगर आपको लगता है कि बाजार ऊपर जाएगा, तो कॉल ऑप्शन लिया जाता है।
अगर लगता है कि बाजार नीचे जाएगा, तो पुट ऑप्शन लिया जाता है।

मान लीजिए निफ्टी अभी 25,000 पर चल रहा है। अगर आपको लगता है कि यह ऊपर जाएगा, तो कॉल ऑप्शन लेना सही होगा। लेकिन अगर लगता है कि यह नीचे आ सकता है, तो पुट ऑप्शन बेहतर रहेगा।

पाँचवाँ कदम: सही प्राइस चुनना

हर ऑप्शन में कई तरह के प्राइस होते हैं। कुछ प्राइस बाजार के आसपास होते हैं, कुछ बहुत ऊपर और कुछ नीचे।

नए ट्रेडर आमतौर पर वही प्राइस चुनते हैं जो बाजार के पास होता है, क्योंकि वह ज़्यादा समझने में आसान होता है। बहुत दूर के प्राइस में जोखिम भी ज़्यादा होता है और समझ भी कम।

धीरे-धीरे सीखना ही सही तरीका है

शुरुआत में यह गलती न करें कि सब कुछ एक साथ सीखने लगें। पहले एक चीज़ चुनें, उसे समझें और उसी पर अभ्यास करें।

जैसे-जैसे अनुभव बढ़ेगा, वैसे-वैसे आप और अच्छे फैसले लेने लगेंगे। क्योंकि मैने भी इसी तरह से सीखा है.

शेयर बाजार में सफलता कैसे पाएं – नुकसान से बचने और लाभ कमाने की पूरी जानकारी (How to Succeed in the Share Market or Stock Market – how Minimize Losses and Maximize Profits) Share market or Stock Market में सफलता, कि जब भी हम बात करें तो लगभग 10 वर्षों से भी अधिक अपने अनुभव के बाद बहुत सोच विचार कर , इस विषय पर लिखना आवश्यक समझ रहे हैं,

option Trading
Option Trading Starting with Good Understanding

निष्कर्ष

ऑप्शन ट्रेडिंग में सफल होने के लिए तेज़ दिमाग से ज़्यादा ज़रूरी है शांत दिमाग। जो व्यक्ति नियमों के साथ ट्रेड करता है, वही लंबे समय तक बाजार में टिक पाता है।

सही जानकारी, अभ्यास और धैर्य – यही एक अच्छे ऑप्शन ट्रेडर की असली पहचान है।

इस लेख में दी गई सारी जानकारी अपने खुद के अनुभव के आधार पर मैने आप लोगों को बताई है। हो सकता है कि आप लोगों को प्रत्येक लाइन बड़ी। लेकिन जब आप। ट्रेनिंग के। सफर में भाग जाएंगे धोखा खाएंगे तब यही लाइनें आपको बचा सकती हैं। इसलिए इस लेख को बहुत ध्यान से पढ़ना है और हर एक एक पंक्ति को गहनता से समझना है। अगर जीवन में इस “ऑप्शन ट्रेडिंग “छेत्र में सफलता चाहिए। मेरी समझ में ऑप्शन ट्रेडिंग की समझदार शुरुआत इन महत्वपूर्ण तथ्यों के बिना हो ही नहीं सकती है।

फाइनेंस में, ऑप्शन एक ऐसा कॉन्ट्रैक्ट है जो होल्डर को यह अधिकार देता है कि वह किसी तय तारीख को या उससे पहले, ऑप्शन के स्टाइल के हिसाब से, एक खास स्ट्राइक प्राइस पर किसी अंडरलाइंग एसेट या इंस्ट्रूमेंट की निश्चित मात्रा खरीद या बेच सके, लेकिन यह करना उसके लिए जरूरी नहीं होता। जानिए विकिपीडिया इस विषय के बारे में क्या कहता है

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (NSE) भारत के सबसे बड़े और प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों में से एक है, जो इक्विटी, डेरिवेटिव और अन्य वित्तीय साधनों की ट्रेडिंग के लिए एक पारदर्शी और इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करता है। पहली बार ऑप्शन ट्रेडिंग को समझ रहे हैं तो इस NSE साईट पर विजिट कीजिये

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